- Home
- /
- राज्य
- /
- उत्तर प्रदेश
- /
- तमिलनाडु की महिला ने...
तमिलनाडु की महिला ने किया 3.50 करोड़ का दान, मंदिर की आय बढ़ी

वाराणसी: विश्व प्रसिद्ध श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की आस्था लगातार बढ़ती जा रही है। बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए देश-विदेश से पहुंचने वाले भक्त न सिर्फ बड़ी संख्या में मंदिर पहुंच रहे हैं, बल्कि अपनी श्रद्धा के अनुसार मंदिर में दान भी कर रहे हैं। इसी का परिणाम है कि मंदिर में आने वाले चढ़ावे में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है।
श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में इस वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही यानी अप्रैल से जून के बीच पिछले साल की तुलना में करीब 10 करोड़ रुपये अधिक चढ़ावा प्राप्त हुआ है। मंदिर प्रशासन के अनुसार, पिछले वर्ष अप्रैल से जून तक करीब 21.50 करोड़ रुपये का दान प्राप्त हुआ था, जबकि इस बार यह राशि बढ़कर करीब 32 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है।
मंदिर में बढ़ते चढ़ावे को श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या और बाबा विश्वनाथ के प्रति लोगों की गहरी आस्था से जोड़कर देखा जा रहा है। काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के निर्माण के बाद मंदिर में आने वाले भक्तों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है। देश के अलग-अलग राज्यों के साथ-साथ विदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा विश्वनाथ के दर्शन करने पहुंच रहे हैं।
मंदिर प्रशासन के आंकड़ों के मुताबिक, कॉरिडोर निर्माण के बाद मंदिर की आय में भी बड़ा बदलाव आया है। पहले जहां मंदिर में मिलने वाला चढ़ावा काफी कम था, वहीं कॉरिडोर बनने के बाद इसमें कई गुना वृद्धि हुई है। श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने के साथ ही दान की राशि भी लगातार बढ़ रही है। वर्तमान में मंदिर को मिलने वाला वार्षिक चढ़ावा पहले की तुलना में कई गुना अधिक हो चुका है।
इसी बीच तमिलनाडु की एक 80 वर्षीय महिला श्रद्धालु ने बाबा विश्वनाथ के चरणों में बड़ा दान देकर अपनी श्रद्धा प्रकट की है। महिला ने अपने दिवंगत बेटों की याद में श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर को 3.50 करोड़ रुपये की राशि दान की है। यह दान मंदिर के प्रति उनकी आस्था और अपने प्रियजनों की स्मृति को समर्पित करने का एक भावनात्मक उदाहरण माना जा रहा है।
बताया जा रहा है कि श्रद्धालु अलग-अलग माध्यमों से मंदिर में दान करते हैं। कुछ लोग नकद राशि देते हैं तो कुछ चल और अचल संपत्ति भी मंदिर को समर्पित करते हैं। कई भक्त अपनी मनोकामना पूरी होने के बाद बाबा विश्वनाथ को विशेष दान अर्पित करते हैं।
काशी विश्वनाथ मंदिर हिंदू धर्म के सबसे प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है। भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंगों में शामिल होने के कारण यहां सालभर लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। सावन, महाशिवरात्रि और अन्य प्रमुख पर्वों के दौरान मंदिर में भक्तों की संख्या और भी बढ़ जाती है।
काशी विश्वनाथ कॉरिडोर बनने के बाद मंदिर परिसर का स्वरूप पूरी तरह बदल गया है। श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं बढ़ाई गई हैं और दर्शन व्यवस्था को भी बेहतर बनाया गया है। इसका असर मंदिर में आने वाले भक्तों की संख्या पर साफ दिखाई दे रहा है।
मंदिर प्रशासन की ओर से प्राप्त आंकड़े बताते हैं कि बाबा विश्वनाथ के प्रति लोगों की श्रद्धा लगातार मजबूत हो रही है। बढ़ता चढ़ावा न केवल भक्तों की आस्था को दर्शाता है, बल्कि मंदिर की व्यवस्थाओं, सेवाओं और धार्मिक गतिविधियों को संचालित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
तीन महीने में 32 करोड़ रुपये का चढ़ावा और तमिलनाडु की महिला द्वारा दिया गया 3.50 करोड़ रुपये का दान एक बार फिर यह दिखाता है कि बाबा विश्वनाथ के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था कितनी गहरी है। काशी में बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए आने वाले भक्त अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार योगदान देकर इस धार्मिक परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं।





